शुक्रवार

पवार पर थप्पड़ के पीछे महंगाई या फिर बीजेपी का बयान?

at 16:37
मनोज जैसवाल ।। कृषि मंत्री शरद पवार पर हुए हमले के पीछे क्या बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा का कुछ दिन पहले दिया गया वह बयान है जिसमें उन्होंने कहा था कि महंगाई पर सरकार का यही रवैया रहा तो यह मुद्दा हिंसा का कारण बन सकता है ? ( आप यहां पर क्लिक करके यशवंत सिन्हा का पूरा बयान पढ़ सकते हैं )

कांग्रेस का कुछ यही मानना है , हालांकि दूसरे राजनीतिक दलों ने घटना की निंदा जरूर की लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि सरकार की नीतियां महंगाई बढ़ाने वाली हैं। वहीं दूसरी तरफ गांधीवादी अन्ना हजारे ने इस घटना की निंदा की और सरकार को महंगाई पर ध्यान देने को कहा, लेकिन उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि क्या एक ही थप्पड़ मारा गया ? ( क्लिक करें, इस पूरी खबर को पढ़ें )

शरद पवार पर हमले के ठीक बाद कांग्रेस की इस पर प्रतिक्रिया आई। कांग्रेस के प्रवक्ता राशिद अल्वी ने घटना के लिए सीधे - सीधे बीजेपी की तरफ से आए बयान को जिम्मेदार ठहराया। अल्वी ने कहा , ' बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने बयान दिया था। आज की घटना के लिए यही बयान जिम्मेदार है। '


बीजेपी के प्रवक्ता रविशंकर ने घटना की निंदा करते हुए हमलावर को सजा देने की मांग की , लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार महंगाई को काबू करने के लिए कुछ नहीं कर रही है। गैस , पेट्रोल , और सब्जियों के दाम दिनोंदिन ऊपर जा रहे हैं।

सीपीएम की तरफ से भी कुछ इसी अंदाज में बयान आया। सीपीएम ने कहा कि सरकार की नीतियों से लोग नाराज हैं , लेकिन वह इस हमले की निंदा करते हैं।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा कि हमलावर को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को महंगाई के मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए।

शिवसेना के संजय राउत ने कहा कि यशवंत सिन्हा के बयान और इस घटना को जोड़ा जाना सही नहीं है।

बीएसपी ने कहा कि महंगाई पर लोग भड़क रहे हैं , लोगों को इसे समझना चाहिए।

जेडीयू के शरद यादव ने कहा कि सरकार की नीतियां महंगाई बढ़ाने वाली हैं। विपक्ष इसके खिलाफ संसद में आवाज उठा रहा है। वह इस तरह के हमले की निंदा करते हैं।


 manojjaiswalpbt

9 टिप्‍पणियां

  1. भाई साहब जब तक इनको कठोर सजा नहीं मिलेगी.तब तक कुछ नहीं होगा.

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  2. मनोज जी बयान तो बहाना ही है.....

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  3. शरद पवार ने कृषि मन्त्री होते हुए हमेशा ऐसे बयान दिए हैं जिससे सीधे सीधे कीमतों में तुरन्त उछाल आया था. एक जिम्मेदार मन्त्री के नाते उन्होंने महंगाई पर लगाम लगाने के बजाय उसे छू लगाया. मैं हिंसा में विश्वास नहीं करता हूँ. जो हुआ है गलत हुआ पर इस थप्पड़ मारने वाले आदमी के प्रति सब लोगों की सहानुभूति है कि उसने जन भावना को सार्वजनिक रूप से अपने ऊपर लिया है.

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  4. मनोज जी, ईमानदारी से कहूँ भय बिना प्रीती नहीं होती.अगर इनको (समाज के दुश्मन ) सार्वजनिक रूप से अपमानित नहीं किया गया तब तक सुधार नहीं होगा.

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  5. अब समय आ गया है की बात की गंभीरता को समझा जाए...

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  6. आप सभी का पोस्ट पर राय के लिए हार्दिक आभार।

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  7. आदरणीय श्री पुरुषोत्तम पाण्डेय जी का कमेन्ट spem में जाने की वजह से देर से प्रकाशित हुआ इसके लिए छमा चाहता हुं। मैं उनके विचारों से सहमत हूं,लेकिन हम लोग तो कलम से ही लड़ सकते है।

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  8. बेहद शानदार मनोज जी

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