शनिवार

समिति में शामिल हो दलित सदस्य : माया

at 01:08
मनोज जैसवाल-नई दिल्ली ।। यूपी की मुख्यमंत्री मायावती ने करप्शन के खिलाफ अन्ना हजारे की मुहिम का स्वागत तो किया, लेकिन लोकपाल बिल मसौदा समिति में दलितों की अनुपस्थिति पर नाखुशी भी जताई। मायावती ने मांग की कि संयुक्त समिति का पुनर्गठन कर किसी गैर राजनीतिक अनुसूचित जाति के व्यक्ति को उसमें शामिल किया जाए।

समिति में शामिल शांति भूषण और प्रशांत भूषण पर सवाल उठने का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि कमिटी को ऐसे लोगों से खुद को अलग कर लेना चाहिए , जिनकी ईमानदारी पर सवाल उठे हों। मायावती ने कहा कि अन्ना हजारे शायद यह भूल गए कि वह जिस महाराष्ट्र राज्य के रहने वाले हैं संविधान निर्माता डॉ . भीमराव आंबेडकर भी वहीं के थे। मुख्यमंत्री ने अन्ना हजारे और सिविल सोसायटी के सदस्यों व अन्य संगठनों द्वारा देश में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाए जाने के लिए सराहना करते हुए कहा कि बीएसपी भी भ्रष्टाचार और राजनीति में अपराधीकरण के विरुद्ध शुरू से ही आवाज उठाती रही है।

कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश के प्रभारी दिग्विजय सिंह द्वारा अन्ना हजारे को उत्तर प्रदेश में जाकर आंदोलन करने की चुनौती के बीच उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि मैं अन्ना हजारे एवं उन सभी संगठनों का स्वागत करती हूं जो भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। दिग्विजय को जवाब देते हुए मायावती ने कहा है कि उनकी सरकार को भ्रष्टाचार विरासत में मिला है।
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