शुक्रवार

क्रोध में इन बातों का रखें ख्याल

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 क्रोध में इन बातों का रखें ख्याल,क्रोध को नकारात्मक भाव समझा जाता है। क्रोध के समय नकारात्मक भावनाएं उत्पन्न होकर कई बार महत्वपूर्ण रिश्तों में भी जीवन भर के लिए दरार डाल देती हैं।  क्रोध मूर्खता से शुरू होता है और पश्चाताप पर खत्म होता है। फिर भी कई लोग क्रोध से खुद को दूर नहीं रख पाते। यदि वे क्रोध को नियंत्रित नहीं कर सकते, तो उसे रचनात्मक बनाकर इससे होने वाली बीमारियों और नुकसान से अवश्य बच सकते हैं। जब किसी व्यक्ति पर क्रोध आने लगे, तो उसी क्षण अपनी आंखें बंद करके उस व्यक्ति की हास्यास्पद तस्वीर मन में बना लें या किसी चुटकुले का पात्र उस व्यक्ति को बना दें। इसी तरह अपने साथ हास्य-व्यंग्य, प्रेरणा देने वाले व्यक्तियों की पुस्तकें और डायरी हमेशा साथ रखें। जब क्रोध से भुजाएं फड़कने लगें, तो तुरंत डायरी और पेन लेकर कुछ भी लिखने बैठ जाएं।  ‘क्रोध वह प्रक्रिया है, जिसमें आपका मुंह आपके दिमाग के मुकाबले काफी तेजी से काम करने लगता है। इस मुंह को बंद करने के लिए रचनात्मक कार्यो में अपना ध्यान लगाएं। क्रोध के कारण विचार मन में उत्पन्न न हो, तो आड़ी-टेढ़ी रेखाएं ही पेपर पर खींचें। कई बार अनायास ही आड़ी-टेढ़ी रेखाओं की आकृति में अत्यंत कलात्मकता के दर्शन होते हैं। यदि कुछ लिख सकते हैं, तो क्रोध के समय विचारों को लेख और कविता में ढालने का प्रयत्न करें। क्रोध धीरे-धीरे आपके नकारात्मक भावों को उभारने की बजाय आपकी प्रतिभा और रचनात्मकता को तराशने का केंद्र बन जाएगा। जीवन में निराशा, भाग-दौड़, दुख-दर्द, नुकसान आदि लगे रहते हैं, इनको जड़ से मिटाना मुश्किल है। हां, क्रोध को रचनात्मक बनाकर और क्रोध के समय चुप्पी साधते हुए स्वयं को अन्य कामों में लगाकर आप अपने जीवन की लंबी दौड़ में ज्यादा सुखी और स्वस्थ अवश्य रह सकते हैं।

manoj jaiswal

9 टिप्‍पणियां

  1. सुन्दर आर्टिकल

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  2. सुन्दर बातें कही है लेकिन क्रोध के समय आदमी सब भूल जाता है तो फिर ये बातें याद रख पायेगा इसमें संदेह ही है !!

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  3. क्रोध की अधिकता में सही गलत की समझ कहाँ रहती है.

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  4. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन अरुणिमा सिन्हा को सलाम - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  5. जय हो जनाब | बहुत खूब जानकारी और क्रोध को काबू करने के तरीके सुझाये आपने | शुक्रिया |

    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
    Tamasha-E-Zindagi
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  6. बहुत ही सार्थक आलेख,एक पल का क्रोध हमारा भविष्य बिगाड सकता है.

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  7. सभी ब्लॉगर मित्रों का पोस्ट पर टिप्पणी के लिए ह्रदय से आभार।

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