गुरुवार

मायावती के करीबी पोंटी चड्ढा के मॉल से मिले 200 करोड़

at 00:12
मनोज जैसवाल : नई दिल्ली। शराब और रियल एस्टेट के मशहूर कारोबारी पोंटी चड्ढा के नोएडा स्थित मॉल से आयकर विभाग की टीम ने बुधवार को छापेमारी के दौरान दो सौ करोड़ रुपये बरामद किया है। पोंटी चड्ढा को यूपी की सीएम मायावती का करीबी माना जाता है। नोएडा के सेंटरस्टेज मॉल के बेसमेंट से एक तिजोरी मिली है जिसमें यह राशि मिली है। हालांकि आयकर विभाग के कर्मियों ने अभी इसे खोला नहीं है। इस संबंध में पोंटी चड्ढा को नोटिस जारी किया गया है।


इससे पहले आयकर विभाग ने मुरादाबाद में सिविल लाइंस स्थित चड्ढा आवास, चड्ढा सिनेमा और इसी परिसर में स्थित चड्ढा ग्रुप के आफिस पर आयकर टीमों ने छापे मारे। सीआरपीएफ जवानों की सुरक्षा में देर शाम तक अफसर छानबीन कर रहे हैं।


एक टीम ने सुबह 11 बजे पौंटी के पैतृक आवास पर छापा मारा। कुछ ही मिनटों बाद एक अन्य टीम ने प्रिंस रोड स्थित चड्ढा सिनेमा की घेराबंदी की। इसी परिसर में चड्ढा ग्रुप के शराब व रियल एस्टेट के कार्यालय हैं।


कार्रवाई की गोपनीयता बनाए रखने के लिए लोकल पुलिस का सहयोग नहीं लिया गया। पूरी कार्रवाई दिल्ली से आए आयकर के दो अफसरों की देखरेख में चल रही है। सीआरपीएफ की टुकड़ी भी दिल्ली से ही भेजी गई। जिन गाड़ियों में अफसर आए, वे हरियाणा और उत्ताराखंड के नंबरों की हैं। एक वाहन पर प्रेस भी लिखा हुआ है। दोपहर बाद मेरठ और मुरादाबाद के अधिकारी भी बुलाए गए।


अपराह्न 3 बजे आयकर अफसरों ने आवास से पोंटी के भतीजे गोविंद को पूछताछ के लिए अपनी अभिरक्षा में ले लिया। उससे अज्ञात स्थान पर ले जाकर पूछताछ हो रही है। गोविंद के पिता व पोंटी के चचेरे भाई गुरजीत सिंह चड्ढा उर्फ टीटू का दिल्ली रोड पर बार का कारोबार है।

  manoj jaiswalpbt

यह भी देखे 

पंजाब, दिल्ली और यूपी तक फैला है पॉन्टी का साम्राज्य

7 टिप्‍पणियां

  1. यहाँ भी मीडिया का दोगलापन साफ झलकता है ! फर्ज कीजिये की यही सब अगर बीजेपी के किसी राज्य में हुआ होता तो ये किस तरह नाच रहे होते , समझ नहीं आता कि मायावती के प्रति इनकी सहानुभूति का राज क्या है ?

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

      हटाएं
    2. आदरणीय पी.सी.गोदियाल "परचेत"जी जब तक इनका (मीडिया)'पैकेज' मिलता रहेगा,ये इन को छुपाने के लिए पैसे मिलते रहेगें ये लोग कुछ भी नहीं लिखेगें,जब 'पैकेज' ख़त्म हो जाता है तब ही इस तरह की बातें सामने आती है.कुछ समय पहले(लगभग एक वर्ष) मैने एक मंच पर इसी पर एक आर्टिकल लिखा था तो उस मंच ने मेरे इस आर्टिकल की टिप्पणिओं पर ही बैन लगा दिया था.यह सब एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं.आप चाहें तो इसे नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं.


      उत्तरप्रदेश में शराब की ओवर रेटिंग क्या भ्रष्टाचार नहीं!

      हटाएं
  2. राजनीति इतनी गन्दी हो चुकी है कि अब उस पर लिखने का दिल ही नहीं करता

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. ठीक बात है आदरणीय पंडित जी

      हटाएं