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रविवार

अपनी तेज गेंदों से 16 वर्ष के लड़के को भी नहीं डरा सकते तो मैं नहीं सोचता कि किसी भी बल्लेबाज को डराया जा सकता है : अकरम

at 00:02
मनोज जैसवाल :  पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम ने पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर और उनकी आत्मकथा की मजाक उड़ाते हुए कहा कि शोएब अपने करियर के दौरान भी सबके लिये समस्या थे और अब खेल से संन्यास लेने के बाद भी वह सबकी परेशानी का सबब बने हुए हैं।
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शुक्रवार

शोएब अख्‍तर ने जीवनी में किया दावा, मेरी गेंदों से डरते थे सचिन !!!!!

at 15:51
View Image in New Windowमनोज जैसवाल । याद कीजिये ..2003 के विश्‍वकप का वो सेमीफाइनल जिसमें सचिन तेंदुलकर ने शोएब अख्‍तर की शॉर्ट पिच गेंद को अपर कट मार गेंद को सीमा रेखा के बाहर 6 रनों के लिए पहुंचा दिया था। उस मैच में सचिन तेंदुलकर ने शोएब की ऐसी धुनाई की थी कि वे गेंदबाजी करना भूल गए थे। उसी शोएब अख्‍तर ने अपनी जीवनी में दावा किया है कि सचिन तेंदुलकर उनकी गेंदों से डरते थे। अपनी जीवनी कंट्रोवर्सिली योर्स नाम की किताब में सचिन ने यह दावा किया है कि 2006 में पाकिस्‍तान के दौरे के दौरान सचिन उनकी गेंदों से डरकर बिना आउट हुए मैदान छोड़कर चले गए थे।
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मंगलवार

वनडे प्रारूप के बदलाव के लिए तेंदुलकर ने की पैरवी आईसीसी को चिट्ठी लिखी

at 20:19
मनोज जैसवाल : वनडे क्रिकेट में लोगों की घटती दिलचस्पी को देखते हुए सचिन तेंदुलकर ने इसके प्रारूप में बदलाव के लिए आईसीसी के मुख्य कार्यकारी हारून लोर्गट को पत्र लिखा है।
टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले तेंदुलकर चाहते हैं कि आईसीसी 50-50 ओवरों के मैच को 25-25 ओवरों की चार पारियों में बदले। तेंदुलकर ने वनडे के प्रारूप में कई और बदलाव की पेशकश की है। उन्होंने इस बारे में पहले भी कई बार टीवी इंटरव्यू में कहा है लेकिन कभी आईसीसी को पत्र नहीं लिखा।


द टाइम्स के अनुसार तेंदुलकर ने पत्र में लिखा कि क्रिकेट के तीनों प्रारूपों के एक साथ बने रहने और लोकप्रियता बरकरार रखने के लिए मैंने कई पहलुओं पर सोचा और मुझे लगा कि यही सर्वश्रेष्ठ तरीका है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मैच में 25 ओवरों की चार पारियां बेहतर विकल्प होगी जिससे टॉस जीतने वाली टीम को मौसम और पिच के अनुरूप मिलने वाला फायदा संतुलित हो जाएगा। इससे मैच का नतीजा सिक्के की उछाल पर निर्भर नहीं रहेगा। तेंदुलकर ने स्वैच्छिक पावरप्ले का भी प्रस्ताव रखा।
उन्होंने कहा कि 25 ओवर के एक भाग में बल्लेबाजी टीम के अनुसार दो पावरप्ले रखे जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चार गेंदबाजों को 12-12 ओवर फेंकने की अनुमति होनी चाहिए। तेंदुलकर ने हालिया विश्व कप में दो मैचों का हवाला दिया जब शाम की ओस के कारण इंग्लैंड की टीम बेंगलूर में भारत के खिलाफ क्वालीफाइंग दौर का मैच टाई कराने में कामयाब रही। इसके बाद आयरलैंड ने इसी मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ लक्ष्य का पीछा कामयाबी से किया।
रिपोर्ट में कहा गया कि हर टीम को दो बराबर पारियां खेलने का प्रस्ताव ब्रिटेन में घरेलू टूर्नामेंटों के फाइनल में अक्सर रखा गया। मूल रूप से जिलेट कप में। उस समय पहले क्षेत्ररक्षण का फायदा मिलता था।
पिछले साल आस्ट्रेलिया में अंतर राज्य एक दिवसीय टूर्नामेंट रियोबी कप में 45 ओवर के मैच को 20 और 25 ओवरों की दो पारियों में बांटा गया था और वह कामयाब रहा।
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शनिवार

टीम के संकटमोचक द्रविड़ ने वनडे क्रिकेट को अलविदा कहा !

at 00:42
View Image in New Windowमनोज जैसवाल : दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ ने शुक्रवार को इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय मैच के बाद वनडे क्रिकेट को अलविदा कहा.  
कार्डिफ में द्रविड़ (69) ने शुक्रवार को अपना 344वां मैच खेला. उनका शुमार भले ही एक दिवसीय क्रिकेट के आक्रामक बल्लेबाजों में नहीं होता हो लेकिन उनकी प्रतिबद्धता और प्रतिकूल परिस्थितियों में अच्छे प्रदर्शन की क्षमता ने उन्हें सही मायने में भारतीय क्रिकेट टीम का संकटमोचक बनाया.
अब तक 343 वनडे मैचों में 10820 रन बना चुके द्रविड़ टेस्ट क्रिकेट में 157 मैचों में 53 की औसत से 12775 रन बना चुके हैं. द्रविड़ ऐसी विरासत छोड़ रहे हैं जो आने वाली कई पीढियों के लिये प्रेरणासोत साबित होगी.
श्रीलंका के खिलाफ सिंगापुर में तीन अप्रैल 1996 को सिंगर कप के दौरान पहले मैच में तीन रन पर आउट होने वाले द्रविड़ ने 15 बरस के कैरियर में 39 की औसत से रन बनाये.
वनडे क्रिकेट के अनुकूल नहीं माने जाने वाले द्रविड़ विश्व कप 1999 में मध्यक्रम की रीढ साबित हुए जिसमें उन्होंने सर्वाधिक 461 रन बनाये. इस दौरान वह विश्व कप में लगातार दो शतक जमाने वाले पहले भारतीय बने. कीनिया के खिलाफ ब्रिस्टल में उन्होंने नाबाद 104 और श्रीलंका के खिलाफ टांटन में 145 रन बनाये.
भारतीय क्रि केट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के परिचायक बने द्रविड़ अक्सर सचिन तेंदुलकर जैसे बल्लेबाजों के साये से निकल नहीं सके. न्यूजीलैंड के खिलाफ हैदराबाद में 1999 में तेंदुलकर के साथ 331 रन की रिकार्ड साझेदारी करने वाले द्रविड़ ने 155 रन बनाये थे.
इसके अलावा ईडन गार्डन पर आस्ट्रेलिया के खिलाफ 180 रन बनाने वाले द्रविड़ ने भारत की ऐतिहासिक जीत की नींव रखी थी. पहले टेस्ट में हालांकि तेंदुलकर ने नाबाद 186 रन बनाये थे जबकि दूसरे में वीवीएस लक्ष्मण ने 281 रन की पारी खेली.
विकेट कीपिंग के उनके गुण ने टीम को एक अतिरिक्त बल्लेबाज की सहूलियत दी. भारतीय टीम को 2003 विश्व कप में इसका फायदा मिला जब सौरव गांगुली की अगुवाई में टीम फाइनल तक पहुंची.
अक्सर धीमी स्ट्राइक रेट के लिये आलोचना झेलने वाले द्रविड़ ने हैदराबाद में 2003 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 22 गेंद में अर्धशतक बनाया जो वनडे क्रिकेट में किसी भारतीय का दूसरा सबसे तेज अर्धशतक है.
वनडे क्रिकेट में उनसे अधिक अर्धशतक सिर्फ तेंदुलकर (95) और इंजमाम उल हक (83) ने बनाये थे. द्रविड़ ने 82 अर्धशतक बनाये हैं जबकि 12 शतक बनाये.
वर्ष 2005 में सौरव गांगुली की जगह कप्तान बने द्रविड़ की तत्कालीन कोच ग्रेग चैपल से नहीं बनी. उनकी कप्तानी में भारत ने लगातार 16 मैचों में लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत दर्ज की लेकिन 2007 विश्व कप से पहले ही दौर में बाहर हो गई.
उन पर आरोप लगा कि उन्होंने चैपल को मनमानी करने दी. द्रविड़ ने इसके बाद कप्तानी छोड़ दी थी.
साल 1996 तक भारतीय क्रिकेट को एक औसत टीम से ज़्यादा तवज्जो नहीं दी जाती थी, कारण भी था हम लगातार अच्छे प्रदर्शन नहीं कर पाते थे, एक मैच मे अर्श पर तो दूसरी में फर्श पर यही कहानी थी उस टीम की जो अपने देश मे जितना जानती थी, लेकिन विदेश मे चाहे वो ज़िंबाब्वे हो या वेस्ट इंडीज हर जगह हम एक ही स्टाइल में खेलते थे, खेलते क्या थे घुटने टेक देते थे, उस समय एक ट्रेंड चल गया था सचिन आउट तो टीम आउट, होता भी यही था सचिन के आउट होते ही तीन चार खिलाड़ी आउट होते ही थे कारण चाहे अयोग्यता हो या सट्टा बाजी पता नहीं लेकिन टीम का घटिया प्रदर्शन जारी था| सचिन अकेला कितने मैच में खेलता| लेकिन 1996 में भारतीय क्रिकेट की तस्वीर क्या बदली समझो किस्मत ही बदल गयी. लॉर्ड्स में एक महान खिलाड़ी का उदय हुआ राहल द्रविड़|
जिस दिन से राहुल द्रविड़ टीम में आए विपक्षी गेंदवाजो के लिए चुनौती बन गये. पहली बार दिखा की सचिन के आउट लेकिन पतझड़ शुरू नहीं हुई,कारण था चट्टानी इरादों के साथ मजबूती से कदम गड़ाए एक भारतीय योद्धा विपक्षी गेंदबाजों से लोहा लेता था, हालात चाहे प्रतिकूल हो या अनुकूल राहुल को अपनी योग्यता पर पूरा भरोसा था, हालाँकि आलोचना करने वालो ने इस खिलाड़ी को हमेशा टारगेट किया की ये वनडे क्रिकेट नहीं खेल सकता, लेकिन रेकॉर्ड देखो इंडिया मे सचिन के बाद राहुल ने टेस्ट और वनडे में 10000 से ज़्यादा रन बनाए हैं| आज राहुल द्रविड़ टेस्ट मे दूसरे सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी है, अगर चयनकर्ताओ ने 4 साल नाइंसाफी नही किया होता तो आज वनडे मे वह दूसरे सबसे ज़्यादा रन बनाने बाले  खिलाड़ी होते.
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मंगलवार

भारतीय टीम का आईसीसी समारोह में नहीं आना शर्मनाक : हारून लोगार्ट

at 21:31
View Image in New Windowमनोज जैसवाल! अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोगार्ट ने मंगलवार को कहा कि सोमवार रात को लंदन में आयोजित आईसीसी पुरस्कार वितरण समारोह में भारतीय टीम का नहीं आना एक 'शर्मनाक' बात है।

लोगार्ट के मुताबिक इसके लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से सवाल किए जाने चाहिए।

भारतीय टीम के प्रबंधक शिवलाल यादव ने दावा किया कि समारोह में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रण देर से मिला, इसी कारण भारतीय टीम उसमें शामिल नहीं हो सकी। इन पुरस्कारों के लिए कुछ भारतीय खिलाड़ी नामांकित किए गए थे।

लोगार्ट ने हालांकि कहा कि सोमवार को आयोजित समारोह के लिए भारतीय टीम को कई महीने पहले ही आमंत्रित किया गया था।

लोगार्ट ने कहा, मैं इस बात को लेकर बेहद निराश हूं कि भारतीय टीम इस समारोह में शामिल नहीं हुई। मैं जानता हूं कि आईसीसी ने भारतीय टीम को महीनों पहले आमंत्रित किया था। हमने बीसीसीआई के माध्यम से निमंत्रण भेजा था। ऐसे में बीसीसीआई को इसका जवाब देना चाहिए।

लोगार्ट ने यह भी कहा कि भारतीय टीम ने इस समारोह में भाग लेने की पुष्टि कर दी थी। इसी को ध्यान में रखकर यह समारोह इस बार लंदन में आयोजित किया गया क्योंकि भारतीय टीम मौजूदा समय में इंग्लैंड में मौजूद है।


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सोमवार

रोहित शर्मा भविष्य के सुपर स्टार : अकरम

at 22:01
मनोज जैसवाल : नयी दिल्ली :  पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम ने युवा बल्लेबाज रोहित शर्मा को टीम इंडिया को भविष्य का सुपरस्टार बताया है.

लेकिन साथ ही उन्होंने कैरेबियाई दौरे पर वनडे मैचों में अन्य युवा भारतीयों के प्रदर्शन पर निराशा जतायी है.
अकरम ने कहा कि सुब्रह्ण्यम बद्रीनाथ. शिखर धवन और मनोज तिवारी जैसे युवा अपने बेहतर घरेलू प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय टीम में जगह पा सके थे लेकिन अपनी सीट पक्की रखने मौका उन्होंने वेस्टइंडीज में गंवा दिया.
रोहित की तारीफ करते हुए अकरम ने कहा  मुझे हमेशा ही रोहित की काबिलियत पर भरोसा रहा है. वे बेहद प्रतिभाशाली हैं और उन्होंने कैरेबियाई धरती पर जाकर यह साबित भी कर दिया. मैन आफ द सीरीज बनकर उन्होंने राष्ट्रीय टीम के नियमित सदस्य के रूप में अपना दावा मजबूत किया है.  अकरम ने कहा  अब अगर रोहित को सुरेश रैना और विराट कोहली जैसे धुरंधरों को टक्कर देनी है तो उन्हें टेस्ट क्रिकेट की ओर भी ध्यान देना चाहिए. टेस्ट में अच्छा करने पर वह इन लोगों को चुनौती दे सकते हैं.

टीम के प्रदर्शन पर अकरम ने कहा  भारत में युवा प्रतिभाओं की कमी नहीं है. इसलिए वेस्टइंडीज दौरे पर गये खिलाडियों के लिए उनका प्रदर्शन उनके लिए ही मुश्किलें खडी कर सकता है. भारत में प्रतिभाओं की लंबी कतार के बीच एक बार मौका गंवाने का मतलब है कि फिर से शायद आपको मौका ही नहीं मिले. उन्होंने कहा भारत भले ही सीरीज 3-2 से जीत गया हो लेकिन मुझे नहीं लगता है सीनियर खिलाडियों की गैरमौजूदगी में युवाओं के इस प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को कोई खुशी मिली होगी. चयनकर्ताओं को इस बात के लिए बधाई दी जा सकती है कि वे युवाओं की फौज तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं.  वनडे में भारत के कार्यवाहक कप्तान सुरेश रैना की तारीफ करते हुए अकरम ने कहा . रैना की कप्तानी ने भरोसा जगाया है. कप्तानी कभी भी आसान नहीं होती है. रैना ने अपनी गलतियों से सबक जरूर लिया होगा.
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शुक्रवार

सचिन ने तोड़ा आईपीएल का अनोखा रिकॉर्ड

at 03:06

मनोज जैसवाल
  
डी वाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने पुणे वारियर्स को 21 रन से हराकर जीत के लय को बरकरार रखा है। लेकिन इस मुकाबले में सचिन तेंडुलकर ने वो कारनामा कर दिखाया जिसका मुंबई के प्रशंसकों इंतजार था।

सचिन तेंडुलकर आईपीएल-4 में 350 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने 58.50 की औसत से 351 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने एक शतक और दो अर्धशतक जड़ा था।

तेंडुलकर पहले ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने आईपीएल में अब तक 1500 से ज्यादा रन बना लिए हैं। सचिन ने अब तक खेले 44 मैचों में 42.25 की औसत से 1521रन बनाए हैं।

आईपीएल-4 में लगातार 7 मुकाबले हारने का रिकॉर्ड पुणे वारियर्स के नाम हो गया।

पुणे टीम के गेंदबाज राहुल शर्मा आईपीएल में पहली बार मैन ऑफ द मैच चुने गए।

लसिथ मलिंगा आईपीएल-4 में 20 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने 9 मैचों में 9.45 की औसत से 22 विकेट झटके हैं।

पुणे वारियर्स की ओर से युवराज सिंह ने सर्वाधिक रन बनाए हैं। उन्होंने 9 मैच में 43.16 की औसत से 259 रन बनाए हैं।

 
पिछली खबर
आईपीएल-4 : सहवाग की विध्वंसक पारी में ध्वस्त हुआ डेक्कन

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आईपीएल-4 : सहवाग की विध्वंसक पारी में ध्वस्त हुआ डेक्कन

at 02:32



मनोज जैसवाल 
  
हैदराबाद. वीरेंद्र सहवाग (119) की तूफानी पारी के बूते दिल्ली डेयरडेविल्स टीम ने डेक्कन चार्जर्स चार विकेट से पराजित कर दिया। इस जीत के साथ दिल्ली के आईपीएल-4 में प्लेऑफ खेलने की उम्मीदें बरकरार हैं।

टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी डेक्कन चार्जर्स टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 175 रन बनाए थे। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी डेयरडेविल्स ने 19 ओवर में छह विकेट के नुकसान पर 179 रन बना लिए।

डेयर डेविल्स की ओर से वीरेंद्र सहवाग ने कप्तानी पारी खेलते हुए शतक जड़ा। उन्होंने 56 गेंदों में 13 चौके और छह छक्के की मदद से 119 रन बनाए। इसके अलावा जेम्स होप्स ने नाबाद 17 रन बनाए। सिर्फ 25 के कुल योग पर तीन महत्वपूर्ण बल्लेबाजों के विकेट खोने के बाद डेयरडेविल्स के कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने मोर्चा सम्भाला और अपनी टीम को फिर से मुकाबले में ला खड़ा किया।

डेयर डेविल्स के सलामी बल्लेबाज एरॉन फिंच बिना खाता खोले पैवेलियन लौट गए। नमन ओझा ने सात, वेणुगोपाल राव तीन, ट्राविस बर्ट चार, इरफान पठान 12 रन बनाकर आउट हुए।

चार्जर्स की ओर से इशांत शर्मा और डेल स्टेन को दो-दो विकेट मिले जबकि डेनियल क्रिस्चियन और अमित मिश्रा को एक-एक विकेट हासिल हुआ।

डेक्कन चार्जर्स टीम के लिए जे पी डुमिनी ने सर्वाधिक 55 रनों का योगदान दिया जबकि कप्तान संगकारा ने 44 रन बनाए। इसके अतिरिक्त शिखर धवन ने 29 रन जोड़े। डेनिएल क्रिस्टियन ने भी 22 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 27 रनों की तेज पारी खेली।

जे पी डुमिनी ने अपनी 31 गेंदों की पारी में दो चौके और चार छक्के लगाए। उन्होंने संगकारा के साथ तीसरे विकेट के लिए 29 और क्रिस्टियन के साथ चौथे विकेट के लिए 71 रन जोड़े। संगकारा ने धवन के साथ दूसरे विकेट के लिए 39 रनों की उपयोगी साझेदारी निभाई थी।

धवन 29 रन बनाकर अजित अगरकर की गेंद पर आउट हुए। धवन ने अपनी इस पारी के दौरान 18 गेंदों का सामना किया है और पांच चौके लगाए। डेक्कन चार्जर्स ने रवि तेजा के रूप में 19 रन कुल योग पर रवि तेजा (2) के रूप में अपना पहला विकेट गंवाया था।

डेयर डेविल्स की ओर से अजित अगरकर ने दो विकेट लिए जबकि आविष्कार साल्वी और जेम्स होप्स को एक-एक सफलता मिली।

 

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अच्छी शुरुआत के बाद खोया लय और गंवा बैठे मैच

at 02:17

मनोज जैसवाल 
  
कोच्चि. कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर ने कोच्चि टस्कर्स केरल के हाथों मिली पराजय के बाद स्वीकार किया कि टीम अच्छी शुरुआत के बाद मध्य ओवरों में मैच हार गई।

गंभीर ने मैच के बाद कहा, 156 हमेशा अच्छा स्कोर होता है। हमें मध्य ओवरों में अच्छी बल्लेबाजी करनी चाहिए थी जो हम नहीं कर पाए। यहां हम अच्छी शुरुआत के बाद लय खो बैठे और

मैच गंवा बैठे।

प्ले ऑफ में पहुंचने की संभावनाओं के बारे में पूछने पर गंभीर ने कहा, जब तक आप सेमीफाइनल में पहुंच नहीं जाते तब तक यह सवाल पूछा जाता रहेगा।

मैच में अर्धशतक बनाने वाले इऑन मोर्गन की सराहना करते हुए गंभीर ने कहा कि वह स्तरीय खिलाड़ी हैं और टीम के लिए स्वदेश लौटने से पहले एकाध मैच जीत सकते हैं। उन्होंने माना कि ब्रेट ली का आखिरी ओवर अंततः निर्णायक साबित हुआ जिसमें कोच्चि के ब्रैड हॉज ने 22 रन ठोक दिए।

कोच्चि के कप्तान महेला जयवर्धने ने कहा, यह एक मुश्किल और अहम मैच था। हमें कोच्चि में अपने आखिरी मैच में जीत हासिल करने की जरूरत थी और हमने वह कर दिखाया। आखिरी दो ओवरों ने मैच में सारा फर्क पैदा किया।

'मैन ऑफ द मैचट ब्रैड हॉज ने कहा, यह एक बड़ा मैदान है जहां हम 156 के स्कोर का बचाव कर सकते थे। मैं खुश हूं कि मैंने टीम के लिए अंतिम ओवरों में अहम रन बटोरे।
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मुंबई इंडियंस पर राजस्थान की 'रॉयल' जीत

at 20:05

मनोज जैसवाल 
जयपुर ।। बोथा के हरफनमौला खेल की बदौलत राजस्थान
रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को आसानी से 7 विकेट से हरा दिया। बोथा ने जहां एक तरफ 3 विकेट लिए , वहीं 44 रनों की बेहतरीन पारी भी खेली।

इसके पहले 95 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी राजस्थान की शुरुआत अच्छी नहीं रही। ओपनर द्रविड़ 5 रन के निजी योग पर मुनाफ पटेल की गेंद पर सचिन तेंडुलकर के हाथों लपके गए।

इसके बाद शेन वॉटसन ने बोथा के साथ मिलकर पारी को संवारने की कोशिश की और उन्होंने दूसरे विकेट के लिए 39 रन जोड़े। वॉटसन ने 32 गेंदों पर 3 चौकों और 1 छक्के की मदद से 26 रन बनाए। फास्ट बोलर लसिथ मलिंगा की शॉर्ट गेंद को हुक करने के चक्कर में उन्हें विकेट कीपर डेविड जैकब्स ने कैच आउट किया।

इसके बाद बोथा और टेलर ने राजस्थान को जीत की दहलीज तक पहुंचा दिया। हालांकि , 44 रन के निजी स्कोर पर बोथा को पविलियन भेजकर मुनाफ ने राजस्थान को तीसरा झटका दिया। राजस्थान की तरफ से टेलर 13 और मनेरिया 4 रन बनाकर नॉट आउट रहे।

इससे पहले , मुम्बई की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 94 रन ही बना सकी। राजस्थान रॉयल्स ने टॉस जीतकर मुम्बई को पहले बैटिंग करने के लिए आमंत्रित किया। मुम्बई की ओर से ऐंड्रू साइमंड्स ने सर्वाधिक 17 रन बनाए , जबकि जैकब्स 15 रन , रोहित शर्मा 13 रन , अम्बाती रायडू 11 रन , तेंडुलकर और राजगोपाल सतीश ने 7-7 रन बनाए वहीं केरोन पोलार्ड ने 4 रन , जबकि लसिथ मलिंगा ने एक रन बनाए। इसके अलावा हरभजन सिंह (10) और अली मुर्तजा (2) नॉट आउट लौटे।

राजस्थान की ओर से बोथा ने सर्वाधिक 3 विकेट झटके , जबकि अशोक मेनारिया और अमित सिंह के खाते में 2-2 विकेट आए , वहीं शेन वॉर्न ने एक विकेट चटकाए।
बैटिंग करियर
  बैट्समन स्टेटस R B 4's 6's SR Mat R Avg
शेन वॉटसन कॉट डेवी जैकब्स बोल्ड लसिथ मलिंगा 26 32 3 1 81.25 22 789 56.36
राहुल द्रविड़ कॉट सचिन तेंडुलकर बोल्ड मुनफ पटेल 5 16 0 0 31.25 47 1056 30.17
जे.बोथा बोल्ड मुनफ पटेल 45 39 2 1 115.38 8 224 112
आर.एल. टेलर नॉट आउट 13 18 1 0 72.22 26 613 29.19
अशोक मनेरिया नॉट आउट 4 4 1 0 100 7 108 27
अजिंक्य रहाणे








Dishant Yagnik (W)








शेन वॉर्न (C)








अमित सिंह








स्टुअर्ट बिनी








सिद्धार्थ त्रिवेदी









टारगेट: 20 ओवर में 95 रन कुल स्कोर: 95/3 (18.1)
अतिरिक्त: 2 ( नो बॉल-0, वाइड-1, लेग बाइ-1, बाइ- 0, पेनल्टी-0) रन रेट: 5.23
विकेट गिरे :
1/17 (राहुल द्रविड़, 4.3 ov.), 2/56 (शेन वॉटसन, 11.4 ov.), 3/90 (जे.बोथा, 17.2 ov.)
बॉलिंग
करियर
बोलर O M R W NB WB E/R Mat W Avg
लसिथ मलिंगा 4.0 0 20 1

5 32 51 16.49
मुनफ पटेल 4.0 1 18 2

4.5 37 42 24.31
मुर्तजा अली 4.0 0 15 0

3.75 8 6 34.67
हरभजन सिंह 3.0 0 20 0

6.67 37 43 20.19
राजगोपाल सतीश 1.1 0 5 0

4.29 18 2 61
के. ए. पोलर्ड 2.0 0 16 0
1 8 20 19 23.11
मुंबई इंडियंस टीम:
एंड्रू सायमंड्स, सचिन तेंडुलकर, हरभजन सिंह, मुनफ पटेल, रोहित शर्मा, लसिथ मलिंगा, के. ए. पोलर्ड, अंबाती रायडू, राजगोपाल सतीश, मुर्तजा अली, डेवी जैकब्स
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बुधवार

डंकन फ्लेचर बने टीम इंडिया के नए कोच

at 14:02
मनोज जैसवाल-नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम को नया कोच मिल गया है। इंग्लैंड के पूर्व कोच डंकन फ्लेचर को टीम इंडिया की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उल्लेखनीय है कि गैरी कर्स्टन का कार्यकाल वर्ल्डकप के समापन के साथ खत्म हो गया था।
जिम्बाब्वे के पूर्व क्रिकेटर डंकन फ्लेचर के नाम इंग्लैंड टीम को 18 साल बाद एशे

ज सीरीज पर कब्जा जमवाने का कीर्तिमान दर्ज है। फ्लेचर जिम्बाब्वे के पहले वनडे कप्तान बनने का गौरव भी हासिल कर चुके हैं।

फ्लेचर को क्रिकेट जगत में सबसे तेज कोच के रूप में जाना जाता है। फ्लेचर के कार्यकाल में इंग्लैंड टीम ने कई उपलब्धियां हासिल की थीं।

फ्लेचर से पहले टीम इंडिया के कोच पूर्व दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर गैरी कर्स्टन थे। कर्स्टन के कार्यकाल में टीम इंडिया को टेस्ट में नंबर एक रैंकिंग हासिल करने का गौरव प्राप्त हुआ। कर्स्टन ने टीम इंडिया के साथ अपना सफर वर्ल्डकप की जीत के साथ समाप्त किया। 

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अरे मैं टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल सकता, वनडे ही खेलूंगा

at 22:11
मनोज जैसवाल-कराची। पाकिस्तान टीम के ऑलराउंडर शाहीद आफरीदी ने टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने के अटकलों पर विराम लगा दिया है। आफरीदी ने कहा है कि वे टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं अब दोबारा टेस्ट मैचों में वापसी नहीं करेंगे।

आफरीदी ने कहा कि टेस्ट मैचों में दोबारा वापसी करने का सवाल ही नहीं उठता है। मैं वनडे और टी-20 मैचों में ही ठीक हूं। भले ही पूर्व खिलाड़ियों को लगता हो कि मैं टेस्ट टीम का कमान सम्हाल सकता हूं, लेकिन मेरी इच्छा टेस्ट टीम में वापसी करने की बिल्कुल नहीं है।

पाकिस्तान के एकदिवसीय मैचों की कप्तानी कर रहे आफरीदी ने कहा कि मैं टेस्ट मैचों में बिल्कुल भी कप्तानी करने का इच्छुक नहीं हूं। अगर मैं दबाव में आकर टेस्ट मैचों की कप्तानी करता भी हूं तो मेरा परफॉर्मेंस प्रभावित होगा। साथ ही टीम अगर हारती है तो अन्य खिलाड़ियों का मनोबल भी कम होगा।

आफरीदी ने कहा कि मैं पाकिस्तान के एकदिवसीय और टी20 मैचों की कप्तानी से खुश हूं। मैं आक्रामक बल्लेबाजी पसंद करता हूं, जबकि टेस्ट मैचों में सधी हुई बल्लेबाजी की जाती है। इसलिए मैं टेस्ट मैचों में वापसी नहीं करना चाहता।

गौरतलब है कि आफरीदी ने पिछले साल टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, जब उनकी कप्तानी में पाकिस्तानी टीम के ऑस्ट्रेलिया से हार गई थी। इसके बाद से वह सिर्फ वनडे और ट्वेंटी-20 क्रिकेट पर ही ध्यान लगा रहे हैं।
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मंगलवार

शेन वॉटसन के रिकॉर्ड 15 छक्के

at 00:46
मनोज जैसवाल-शेन वॉटसन की रिकॉर्ड 15 छक्के जड़ित करियर की सर्वश्रेष्ठ 185 रन की नाबाद पारी से ऑस्ट्रेलिया ने आज यहाँ दूसरे एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में बांग्लादेश के खिलाफ नौ विकेट से जीत दर्ज कर तीन मैचों की श्रृंखला अपने नाम की।

इस विस्फोटक सलामी बल्लेबाज ने महज 96 गेंद में 15 चौके और इतने ही छक्के जड़कर ‘पावरफुल शॉट’ का शानदार नजारा पेश किया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 24 ओवर शेष रहते 230 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल किया और श्रृंखला में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। 

वेस्टइंडीज के जेवियर मार्शल के नाम इससे पहले 12 छक्कों का रिकॉर्ड दर्ज था, जो उन्होंने कनाडा के खिलाफ 2008 में बनाया था। एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में वॉटसन की यह पारी किसी भी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले मैथ्यू हेडन ने नाबाद 181 रन बनाए थे।

उन्होंने महज 69 गेंद में अपना छठा एक दिवसीय शतक पूरा कर लिया था, जो ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों में हेडन (66 गेंद) और गिलक्रिस्ट (67 गेंद) के बाद तीसरा सबसे तेज सैकड़ा है। श्रृंखला का अंतिम वनडे यहीं बुधवार को खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शनिवार को शुरुआती वनडे में 60 रन से जीत दर्ज की थी।

वॉटसन शुरू से ही शानदार फॉर्म में दिख रहे थे, उन्होंने शफिउल इस्लाम के शुरुआती ओवर में तीन चौके जड़े। फिर उन्होंने चार छक्के और पाँच चौकों की मदद से सिर्फ 26 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। 

बांग्लादेशी गेंदबाज और क्षेत्ररक्षक इसके बाद वाटसन के सामने असहाय दिखाई देने लगे। इस सलामी बल्लेबाज ने स्पिनर सुहारावादी शुवो के ओवर में चार छक्के जड़कर बांग्लादेशी गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया।

वॉटसन ने पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग (नाबाद 37) के साथ दूसरे विकेट के लिए 170 रन की नाबाद साझेदारी भी निभाई। इससे पहले मुश्फिकर रहीम के नाबाद 81 रन से बांग्लादेश ने सात विकेट पर 229 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया।

टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की टीम एक समय 88 रन पर पाँच विकेट गँवाकर जूझ रही थी लेकिन विकेटकीपर बल्लेबाज रहीम ने 80 गेंद में नाबाद 81 रन की पारी से टीम चुनौतीपूर्ण लक्ष्य बनाने में सफल रही। रहीम ने अपनी पारी में एक छक्का और नौ चौके जमाए।

रहीम ने पारी के अंत में तेज गेंदबाज ब्रेट ली की गेंद पर लगातार दो चौके और और एक छक्का जड़ा। उन्होंने तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन के अंतिम ओवर में भी दो बार गेंद सीमा रेखा के पार कराई।

जॉनसन ने 54 रन देकर तीन, लेग स्पिनर स्टीवन स्मिथ ने 34 रन देकर दो विकेट हासिल किए, लेकिन रहीम ने इसके बावजूद पारी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने मोहम्मद महमूदुल्लाह (38) के साथ छठे विकेट के लिए 79 रन की साझेदारी की।

शहरियार नफीस ही शीर्ष क्रम में एकमात्र बल्लेबाज थे जो क्रीज पर जमे रहे। उन्होंने 73 गेंद में छह चौके की मदद से 56 रन बनाए। लेकिन वनडे में अपना 12वाँ अर्धशतक पूरा करने के बाद वह स्मिथ को आसान रिटर्न कैच दे बैठे। 

जॉनसन ने सलामी बल्लेबाज तमिम इकबाल और इमरूल कायेस को पैवेलियन भेजकर शुरुआती झटके दिए। इसके बाद जॉन हेस्टिंग्स ने रकीबुल हसन को आउट कर बांग्लादेश का स्कोर 12 ओवर में 28 रन पर तीन विकेट कर दिया।

स्मिथ ने कप्तान शकिबुल हसन को नौ रन पर बोल्ड कर दिया और फिर क्रीज पर जमे नफीस भी पैवेलियन भेज दिया, जिससे मेजबान टीम 88 रन पर पाँच विकेट गँवा बैठी।इसके बाद मुश्फिकर रहीम के नाबाद 81 रन से बांग्लादेश ने सात विकेट पर 229 रन बनाने में सफल रहा।
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रविवार

मुंबई ने दिल्ली को 8 विकेट से रौंदा

at 22:10
मनोज जैसवाल-दिल्ली के 25 हजार दर्शक सचिन तेंडुलकर और वीरेंद्र सहवाग के बल्लों से रनों की बौछार देखने के लिए आए थे लेकिन फिरोजशाह कोटला में आज उन्हें लेसिथ मलिंगा का कातिलाना अंदाज दिखा जिसके सामने दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम असहाय बन गयी और मुंबई इंडियन्स ने आठ विकेट की जानदार जीत से चौथे इंडियन प्रीमियर लीग का शानदार आगाज किया

मलिंगा ने 13 रन देकर पाँच विकेट लिए और उनकी इस कहर बरपाती गेंदबाजी के सामने डेयरडेविल्स का 95 रन पर पुलिंदा बंध गया। उसके तीन बल्लेबाज नमन ओझा (29), वेणुगोपाल राव (26) और कप्तान वीरेंद्र सहवाग (19) ही दोहरे अंक में पहुँचे जबकि पाँच बल्लेबाज खाता खोलने में भी नाकाम रहे। डेयरडेविल्स ने अंतिम छह विकेट 13 रन के अंदर गँवाए, जिससे वह आईपीएल में अपने दूसरे न्यूनतम स्कोर पर सिमट गया।

इस मुकाबले को गुरू सचिन और चेले सहवाग के बीच का मुकाबला माना जा रहा था लेकिन बल्लेबाजी में भी गुरू ही अव्वल साबित हुए। तेंडुलकर ने 50 गेंद पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 46 रन की पारी खेली। उन्हें रोहित शर्मा (नाबाद 27) ने अच्छा सहयोग दिया जिससे मुंबई ने 16.5 ओवर में दो विकेट पर 99 रन बनाकर बड़ी जीत दर्ज की।

मुंबई की इस जीत के नायक हालाँकि मलिंगा रहे जिन्होंने ट्वेंटी-20 क्रिकेट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। आईपीएल के चार साल के इतिहास में यह पाँचवाँ अवसर है जबकि किसी गेंदबाज ने पाँच विकेट लिए। श्रीलंका के इस तूफानी गेंदबाज ने चार बल्लेबाजों को तो बोल्ड करके आईपीएल में अब तक का तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी किया। उनके अलावा हरभजन सिंह ने 14 रन देकर दो विकेट लिए।

गेंद कुछ नीची रह रही थी और दिल्ली ने भी मुंबई के बल्लेबाजों को शुरू में कुछ परेशान किया। मुंबई ने 31 रन तक डैवी जैकब्स (1) और अंबाती रायुडु (14) के विकेट गँवा दिए थे। मोर्ने मोर्कल ने जैकब्स का आफ स्टंप चार मीटर पीछे भेजा तो एक अन्य दक्षिण अफ्रीकी रीलोफ वान डर मर्व ने कसकदार क्षेत्ररक्षण का दिलकश नमूना पेश करके रायुडु को पवेलियन भेजा।

तेंडुलकर हालाँकि क्रीज पर डटे रहे और इस महान बल्लेबाज पर दिल्ली का स्पिन और तेज आक्रमण किसी तरह का असर नहीं डाल पाया। वह जब छह रन पर थे तब सहवाग ने दूसरी स्लिप में उनका मुश्किल कैच छोड़ा था जिसके बाद मास्टर ब्लास्टर ने कूटनीतिक पारी खेली। उन्होंने वान डर मर्व पर एकमात्र छक्का भी जड़ा तथा इरफान पठान पर विजयी चौका लगाया।

तेंडुलकर ने इस बीच रोहित के साथ तीसरे विकेट के लिए 68 की अटूट साझेदारी की। रोहित ने 30 गेंद खेली और अपने तीनों चौके मोर्कल के एक ओवर में लगाए।

इससे पहले दिल्ली की टीम के लिए टास जीतने के अलावा कुछ भी सकारात्मक नहीं रहा। हरभजन जब गेंदबाजी का आगाज करने के लिए उतरे तो सहवाग ने लांग आन पर छक्का जड़कर उनका स्वागत किया लेकिन अगले ओवर में दिल्ली को मलिंगा की मार झेलनी पड़ी जिससे वह आखिर तक नहीं उबर पाया।

मलिंगा ने दो विकेट लेकर खचाखच भरे कोटला में मुंबई के समर्थकों में जान भर दी। डेविड वार्नर (1) आउट होने वाले पहले बल्लेबाज थे जिनके पास मलिंगा के यार्कर का कोई जवाब नहीं था। रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करके डेयरडेविल्स की टीम में जगह बनाने वाले उन्मुक्त चंद (0) का पदार्पण बेहद निराशाजनक रहा और मलिंगा ने उनका मिडिल स्टंप हवा में लहराकर स्कोर दो विकेट पर 11 रन कर दिया।

सहवाग ने मलिंगा को पूरा सम्मान दिया और उनका अगला ओवर मेडन खेला लेकिन उनकी पारी लंबी नहीं खिंची। पारी के पाँचवें ओवर में सहवाग साथी खिलाड़ी एरोन फिंच की ना के बावजूद रन के लिए दौड़ पड़े और तेंडुलकर के सीधे थ्रो पर रन आउट हो गए। हरभजन ने अपने दूसरे स्पैल के एकमात्र ओवर में फिंच (8) को भी डगआउट की राह दिखा दी।

ओझा और वेणुगोपाल ने पाँचवें विकेट के लिए 42 रन जोड़कर पारी की सबसे बड़ी साझेदारी की। ओझा ने मुनाफ पटेल पर चौके से खाता खोला और उसी ओवर में लांग आन पर छक्का जड़ा लेकिन तेजी से रन बनाने के प्रयास में ही वह बाएँ हाथ के स्पिनर अली मुर्तजा की गेंद पर बाउंड्री पर लपके गए। चोटों से जूझने के बाद लंबे अर्से बाद मैदान पर लौटे इरफान पठान (0) की वापसी निराशाजनक रही और पहली गेंद पर ही रन लेने के प्रयास में वह रनआउट हो गए।

इसके बाद जैसे ही मलिंगा के हाथ में गेंद आई तो उन्होंने फिर से एक ओवर में वेणुगोपाल और मोर्कल को बोल्ड किया और फिर अशोक डिंडा को कैच कराकर डेयरडेविल्स का पुलिंदा बाँधा।।

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गुरुवार

अब आफरीदी ने की धोनी, सचिन की तारीफ, सुनील शेट्टी ने कहा- कायर

at 23:47

मनोज जैसवाल -लाहौर. यह भारत की खुशकिस्मती है कि उसके पास महेंद्र सिंह धोनी जैसा स्थिर कप्तान है। यह कहना है पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान शाहिद आफरीदी का। आफरीदी ने धोनी की कप्तानी के बारे में कहा, 'उन्होंने भारतीय टीम की बड़ी ही चालाकी से अगुवाई की है और फाइनल में उनका प्रदर्शन जबर्दस्त था। भारत की जीत में उनकी भूमिका काफी अहम थी। मुझे लगता है कि भारत के लोगों के लिए यह जीत बहुत मायने रखती है। मुझे यह भी उम्मीद है कि एशिया में विश्व कप की वापसी से इस क्षेत्र में क्रिकेट को काफी बढ़ावा मिलेगा और भारत और पाकिस्तान के रिश्ते भी सामान्य हो सकेंगे।'

आफरीदी ने कहा कि भारतीय टीम काफी बेहतर थी और उसे विश्व कप जीतने का पूरा हक था। जो भी टीम हमें हराती है, उसे विश्व कप जीतना चाहिए। आफरीदी ने सचिन तेंडुलकर की भी तारीफों के पुल बांधे। उन्होंने कहा, सचिन की रनों के लिए भूख शानदार है और अभी क्रिकेट को देने के लिए उनके पास बहुत कुछ है और उनका भविष्य क्या होगा, यह वही तय कर सकते हैं। आफरीदी ने कहा कि उनके पास सचिन की तारीफ के लिए शब्द नहीं हैं। पाकिस्तानी कप्तान ने यह भी बताया कि उनके घर में सचिन के ऑटोग्राफ वाली जर्सी फ्रेम करके दीवार पर टांगी गई है। भारत के लोगों के खिलाफ मेरे मन में कुछ भी नहीं है और मुझे भारत जाना काफी अच्छा लगता है। टीवी शो में सुनाए गए मेरे बयान को गलत तरीके से समझा गया है।

सुनील शेट्टी ने कहा, कायर हैं आफरीदी
बॉलीवुड स्टार सुनील शेट्टी ने भारतीयों की तुलना में पाकिस्तानी लोगों को बड़े दिल वाला बताने पर शाहिद आफरीदी के बयान की आलोचना की है। सुनील शेट्टी ने एक अख़बार से बातचीत में कहा कि आफरीदी कायर हैं। उनके मुताबिक, 'इस तरह का बयान देने से पहले उन्हें अपने भाई से बात करनी चाहिए थी कि भारतीयों ने उनके लिए क्या किया। आफरीदी का भाई मैच के दौरान मोहाली में हमारे साथ था इस उस दौरान लगातार बातचीत कर रहा था। हमने यह सुनिश्चित किया कि उन्हें और उनकी महिला मित्र को स्टेडियम में कोई दिक्कत न हो। हमने उनका खयाल रखा। मुझे लगता है कि हम उनके और दूसरे पाकिस्तानियों के प्रति काफी संवेदनशील थे। अगर आफरीदी को कोई समस्या थी, तो उन्हें भारत की ज़मीन पर ही शिकायत करनी चाहिए थी। घर वापस जाकर कुछ भी कहने का कोई तुक नहीं है। साफ है कि वह अपनी टीम की हार से लोगों का ध्यान हटाना चाहते हैं।'

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रविवार

धोनी ने वर्ल्ड कप जीतते ही मुंडाया सिर

at 18:14

मनोज जैसवाल-मुंबई।। वर्ल्ड कप की ट्रॉफी हाथ में आने के बाद टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपना सिर मुंडवा लिया है। वह अब बिल्कुल अलग ही लुक में नजर आ रहे हैं।  



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रविवार को धोनी का एक अलग ही रूप नजर आया। धोनी जब अपनी मैन ऑफ द मैच और वर्ल्ड कप की ट्रॉफी के साथ मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया गए, तो हर कोई धोनी के नए लुक को देखकर हैरान रह गया। धोनी ने अपने सिर के बाल कटवा लिए थे।

धोनी ने रातोंरात बाल क्यों कटवाए, इसको लेकर यह भी चर्चा है कि उन्होंने वर्ल्ड कप में जीत की मन्नत मांगी हुई थी।

धोनी के अलावा टीम इंडिया के बाकी खिलाड़ियों ने भी गेटवे ऑफ इंडिया के पास ट्रॉफी के साथ फोटो खिंचवाए।

गौरतलब है कि टीम इंडिया के वर्ल्ड कप जीतने पर प्रेजिडेंट प्रतिभा देवी पाटिल ने उन्हें मुंबई के राजभवन में पार्टी दी है। सभी खिलाड़ी वहां पहुंच रहे हैं।
 
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भारत बना वर्ल्ड चैंपियन 2011

at 01:02
मनोज जैसवाल-मुंबई।। भारत ने 28 साल बाद वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास दोहरा दिया है। गंभीर और धोनी की शानदार पारियों की बदौलत टीम इंडिया ने श्रीलंका के 275 रनों का टारगेट 4 विकेट के नुकसान पर ही हासिल कर लिया। टॉस जीतकर श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 274 रन बनाए थे।

भारत की पारी की शुरुआत वीरू और सचिन ने की। मलिंगा ने ओवर की पहली ही गेंद से भारतीय खेमे में सनसनी फैला दी। गेंद सहवाग के पैड में लगी और वह बिना खाता खोले एलबीडब्ल्यू होकर पविलियन लौट गए। भारत का स्कोर शून्य पर 1 विकेट। इसके बाद गंभीर मैदान पर आए। सचिन और गंभीर ने भारत की पारी को संभाला। सभी को सचिन से एक लंबी पारी की उम्मीद थी। सचिन लय में नजर भी आ रहे थे लेकिन मलिंगा की एक गेंद पर वह अपना बल्ला अड़ा बैठे। वह 18 रन बनाकर पविलियन लौट रहे थे और पूरा स्टेडियम सन्न था। भारत अब बैकफुट पर आ चुका था। अपने दो धुरंधर बल्लेबाजों को जल्दी-जल्दी खो चुकी टीम इंडिया गहरी मुश्किल में थी।

ऐसे वक्त में गंभीर और कोहली ने संभलकर बैटिंग करते हुए भारत का स्कोर 100 के पार पहुंचाया। गंभीर ने अपनी फिफ्टी पूरी की। कोहली भी एक बड़ी पारी की तरफ बढ़ते दिख रहे थे लेकिन मैच में फिर ट्विस्ट आया। दिलशान में विराट को 35 रन पर आउट कर दिया। 114 रन पर तीन विकेट।
धोनी ने ऐसे वक्त में नया दांव चला। वह युवराज के बदले खुद मैदान पर आए। धोनी और गंभीर धीरे-धीरे श्रीलंकाई बोलरों पर हावी होते चले गए। धोनी और गंभीर ने भारत का स्कोर 200 के पार पहुंचाया। इसके बाद धोनी ने अपनी फिफ्टी भी पूरी की। भारत को यहां से जीत की खुशबू आने लगी थी।

दूसरे छोर पर गंभीर अपने शतक की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन, 97 रन पर गंभीर परेरा की एक धीमी गेंद को समझ नहीं पाए और बोल्ड हो गए। इसके बाद युवी और धोनी ने श्रीलंकाई बोलरों को हावी नहीं होने दिया और दोनों ने टीम को जीत दिलाकर ही दम लिया।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने पूर्व कप्तान महेला जयवर्द्धने ( नाबाद 103) की शानदार सेंचुरी की बदौलत निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट पर 274 रन बनाए। श्रीलंका के विस्फोटक बल्लेबाज उपल तरंगा आज कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और केवल 2 रन बनाकर आउट हो गए।

जयवर्द्धने ने 88 गेंदों पर 13 चौकों की मदद से 103 रन बनाए। इसके अलावा कप्तान कुमार संगकारा ने 48 और तिलकरत्ने दिलशान ने 33 रनों का योगदान दिया। कुलासेकरा ने 30 गेदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 32 रन बनाए जबकि परेरा नौ गेंदों पर तीन चौकों और जहीर खान की अंतिम गेंद पर लगाए गए छक्के की मदद से 16 रन जोड़े। श्रीलंका ने अंतिम बैटिंग पावरप्ले में एक विकेट खोकर 63 रन जोड़े।

भारत की ओर से जहीर खान और युवराज सिंह ने दो - दो विकेट लिए। जहीर ने 21 विकेटों के साथ पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी की बराबरी कर ली है। हरभजन सिंह को भी एक सफलता मिली। कुलासेकरा रन आउट हुए।





 बैट्समन स्टेटस R B 4's 6's SR Mat R Avg
वी. सहवाग एलबीडब्ल्यू लसिथ मलिंगा 0 2 0 0 0 236 7760 35.11
सचिन तेंडुलकर कॉट कुमार संगकारा बोल्ड लसिथ मलिंगा 18 14 2 0 128.57 453 18111 45.28
गौतम गंभीर बोल्ड तिसारा परेरा 97 122 9 0 79.51 113 4073 40.33
विराट कोहली कॉट तिलकरत्ने दिलशान बोल्ड तिलकरत्ने दिलशान 35 49 4 0 71.43 53 1954 40.71
एम.एस.धोनी (W & C) नॉट आउट 91 79 8 2 115.19 184 6049 46.89
युवराज सिंह नॉट आउट 21 24 2 0 87.5 273 8051 36.6
सुरेश रैना








हरभजन सिंह








जहीर खान








मुनफ पटेल








एस. श्रीशांत









टारगेट: 50 ओवर में 275 रन कुल स्कोर: 277/4 (48.2)
अतिरिक्त: 15 ( नो बॉल-0, वाइड-8, लेग बाइ-6, बाइ- 1, पेनल्टी-0) रन रेट: 5.73
विकेट गिरे :
1/0 (वी. सहवाग, 0.2 ov.), 2/31 (सचिन तेंडुलकर, 6.1 ov.), 3/114 (विराट कोहली, 21.4 ov.), 4/223 (गौतम गंभीर, 41.2 ov.)
बॉलिंग
करियर
बोलर O M R W NB WB E/R Mat W Avg
लसिथ मलिंगा 9.0 0 42 2
2 4.67 84 127 26.39
केएमडीएन कुलासेकरा 8.2 0 64 0

7.68 87 106 29.42
तिसारा परेरा 9.0 0 55 1
2 6.11 17 32 21.62
सूरज रंदीव 9.0 0 43 0

4.78 18 23 33.91
तिलकरत्ने दिलशान 5.0 0 27 1
1 5.4 199 62 40.24
मुरलीधरन
बैटिंग करियर
  बैट्समन स्टेटस R B 4's 6's SR Mat R Avg
उपल तरंगा कॉट वी. सहवाग बोल्ड जहीर खान 2 20 0 0 10 117 3898 33.9
तिलकरत्ने दिलशान बोल्ड हरभजन सिंह 33 49 3 0 67.35 199 5456 36.13
कुमार संगकारा (W & C) कॉट एम.एस.धोनी बोल्ड युवराज सिंह 48 67 5 0 71.64 290 9164 37.4
महेला जयवर्द्धने नॉट आउट 103 88 13 0 117.05 340 9423 32.49
थिलन समरवीरा एलबीडब्ल्यू युवराज सिंह 21 34 2 0 61.76 50 862 22.68
चमारा कापुगेडेरा कॉट सुरेश रैना बोल्ड जहीर खान 1 5 0 0 20 83 1443 21.54
केएमडीएन कुलासेकरा रन आउट एम.एस.धोनी 32 30 1 1 106.67 87 539 16.84
तिसारा परेरा नॉट आउट 22 9 3 1 244.44 17 183 13.07
लसिथ मलिंगा








सूरज रंदीव








मुरलीधरन










कुल स्कोर: 274/6 (50.0)
अतिरिक्त: 12 ( नो बॉल-2, वाइड-6, लेग बाइ-3, बाइ- 1, पेनल्टी-0) रन रेट: 5.48
विकेट गिरे :
1/17 (उपल तरंगा, 6.1 ov.), 2/60 (तिलकरत्ने दिलशान, 16.3 ov.), 3/122 (कुमार संगकारा, 27.5 ov.), 4/179 (थिलन समरवीरा, 38.1 ov.), 5/182 (चमारा कापुगेडेरा, 39.5 ov.), 6/248 (केएमडीएन कुलासेकरा, 48.0 ov.)
बॉलिंग
करियर
बोलर O M R W NB WB E/R Mat W Avg
जहीर खान 10.0 3 60 2
1 6 190 273 28.84
एस. श्रीशांत 8.0 0 52 0 2
6.5 53 75 33.44
मुनफ पटेल 9.0 0 41 0
1 4.56 62 77 29.65
हरभजन सिंह 10.0 0 50 1
1 5 226 255 33.51
युवराज सिंह 10.0 0 49 2

4.9 273 109 37.25
सचिन तेंडुलकर 2.0 0 12 0
3 6 453 154 44.4
विराट कोहली 1.0 0
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