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सोमवार

अब जी-मेल में मेल को ट्रांसलेट कर मनचाही लेंग्वेज में पढ़ें

at 16:50
अपने सर्च इंजन की बदौलत राज करने वाले गूगल ने यूजर्स की सुविधा के लिए जी-मेल में मेल को ट्रांसलेट करने की सुविधा दी है। अब आप महज एक क्लिक से ही अपने इनबॉक्स में आई मेल को मनचाही भाषा में ट्रांसलेट कर सकते हैं। जीमेल के आधिकारिक ब्लॉग gmailblog.blogspot.in पर यह जानकारी दी गई है।

ब्लॉग में बताया गया है कि अब यूजर ईमेल के अंदर ही मैसेज को ट्रांसलेट कर सकता है। पोस्ट में कहा गया है कि कुछ लोगों के सामने विदेशों से मिलने वाले न्यूज लेटर या अन्य मेल को पढ़ने- समझने में दिक्कत आती थी। इस सर्विस के लांच होने के बाद आप अपनी मेल को मनचाही लेंग्वेज में पढ़ सकते है। जब गूगल की इस सर्विस का प्रयोग किया गया तो इसका काफी अच्छा रिजल्ट सामने आया।

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गुरुवार

मायावती के करीबी पोंटी चड्ढा के मॉल से मिले 200 करोड़

at 00:12
मनोज जैसवाल : नई दिल्ली। शराब और रियल एस्टेट के मशहूर कारोबारी पोंटी चड्ढा के नोएडा स्थित मॉल से आयकर विभाग की टीम ने बुधवार को छापेमारी के दौरान दो सौ करोड़ रुपये बरामद किया है। पोंटी चड्ढा को यूपी की सीएम मायावती का करीबी माना जाता है। नोएडा के सेंटरस्टेज मॉल के बेसमेंट से एक तिजोरी मिली है जिसमें यह राशि मिली है। हालांकि आयकर विभाग के कर्मियों ने अभी इसे खोला नहीं है। इस संबंध में पोंटी चड्ढा को नोटिस जारी किया गया है।
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सिर्फ 14,000 में ब्रांडिड लैपटॉप ?

at 22:49
मनोज जैसवाल : लेनेवो और एचसीएल जैसी कंपनियों के यह लैपटॉप बाजार कीमत से तकरीबन 10,000 रुपए सस्ते हैं लेनेवो और एचसीएल जैसी कंपनियां अपने लैपटॉप सिर्फ 14,000 रुपए में ऑफर कर रही हैं लेकिन यह ऑफर आम आदमी के लिए नहीं बल्कि तमिलनाडू सरकार के लिए है।


तमिलनाडू की मुख्यमंत्री जयललिता ने चुनावों से पहले अपने राज्य के स्कूलों में फ्री लैपटॉप बांटने का वादा किया था जिसे पूरा करने के लिए निविदाएं मंगाई कई थी। चीनी लैपटॉप बनाने वाली कंपनी की भारतीय इकाई लेनेवो ने सबसे कम कीमत में लैपटॉप देने की बोली लगाई है लेनेवो सिर्फ 13,939 रुपए में लैपटॉप ऑफर किया है जबकि इसके बाद एचसीएल ने 14,452 रुपए में लैपटॉप देने की बोली लगाई है। तमिलनाडू सरकार राज्य में 68 लाख छात्रों को फ्री लैपटॉप बांटेगी।






इन कंपनियों ने सरकार को बाजार भाव से 10,000 रुपए कम कीमत लैपटॉप देने की बोली लगाई है। लेनेवो फिलहाल भारतीय लैपटॉप बाजार में चौथे नंबर पर है और तमिनाडू सरकार के टेंडर को जीतकर वो अपनी भागीदारी बढ़ाना चाहती है। आपको बता दें कि जयललिता ने अपने चुनावो से पहले सिर्फ फ्री लैपटॉप बांटने की बात ही नहीं कही थी बल्कि कीचन मिक्सर, वेट ग्राइंडर्स भी लोगों को फ्री बांटने का वादा किया था।



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सोमवार

अब आयेगा स्मार्ट कार्ड

at 22:03
View Image in New Window मनोज जैसवाल ।। सरकार सभी वयस्क नागरिकों के लिए 2013 के अंत तक मल्टिपरपज स्मार्ट आइडेंटिटी कार्ड जारी करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इसका इस्तेमाल राशन कार्ड, टोल कार्ड और इलेक्शन कार्ड की जगह किया जाएगा। सिंगल कार्ड से कई काम होने से सरकार का खर्च बचेगा।

एक सीनियर अफसर के मुताबिक, रजिस्ट्रार जनरल ने 18 साल से ज्यादा उम्र के सभी नागरिकों को यह कार्ड देने का प्रस्ताव रखा है। इस पर व्यय विभाग विचार कर रहा है। देश की आबादी में 18 से ज्यादा उम्र के लोगों का हिस्सा 65 पर्सेंट है। सरकार का अनुमान है कि एक स्मार्ट कार्ड की लागत 50 रुपये बैठेगी। हालांकि फाइनल रकम एक टेक्निकल कमिटी की सिफारिशों के बाद तय की जाएगी। अक्टूबर के अंत तक यह टेक्निकल कमिटी अपनी सिफारिशें दे देगी।


इस कार्ड पर आधार नंबर भी दर्ज करने का प्रस्ताव है, जिसे यूनीक आइडेंटिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया जारी कर रही है। फोटोग्राफ तो होगा ही, इलेक्ट्रॉनिक चिप फिंगर प्रिंट और आंख की पुतली का स्कैन भी होगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस कार्ड का केंद्र और राज्य सरकारें अलग-अलग रूप में इस्तेमाल कर सकती हैं।


देश के रजिस्ट्रार जनरल सी. चंद्रमौलि ने पिछले हफ्ते कहा था कि सरकार तटीय इलाकों में करीब 80 लाख आइडेंटिटी कार्ड बांटने की शुरुआत अगले दो महीने में करेगी। अधिकारी ने बताया कि कार्ड जारी करने का असली मकसद नागरिकों की पहचान करना है। 
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शनिवार

शुक्रवार आधी रात के वक्त दुनिया के नक्शे पर एक नया देश दक्षिण सूडान उभरा

at 19:31


मनोज जैसवाल : अफ्रीकी देश सूडान का दक्षिणी हिस्सा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप आधी रात से एक स्वतंत्र देश के रूप में वैश्विक मानचित्र पर अंकित हो गया। इस आजादी के लिए वर्षों तक संघर्ष करने वाली जनता ने पूरी गर्मजोशी से इस यादगार पल का स्वागत किया।

दक्षिण सूडान गणराज्य' के रूप में जाना जाने वाला यह देश विश्व बिरादरी का सबसे नया मेहमान है। संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय जगत में दक्षिण सूडान के आविर्भाव का स्वागत करते हुए कहा कि वह कानून व्यवस्था बनाए रखने ओर एक संवैधानिक व्यवस्था के निर्माण में उसकी मदद करेगा।

गत जनवरी में समूचे सूडान में हुए जनमत संग्रह के दौरान दक्षिणी हिस्से को अलग करने के प्रस्ताव को जनता ने भारी बहुमत से स्वीकार कर लिया था। उसके बाद से ही दक्षिण सूडान की स्वतंत्रता का रास्ता साफ हो गया था। लेकिन संसाधनों के बंटवारे और सेना की तेनाती को लेकर पिछले कुछ महीनों में उत्तर और दक्षिण सूडान के बीच लगातार तनातनी देखने को मिली थी।

बहरहाल इन चुनौतियों को पार करते हुए दक्षिण सूडान के लोगों का एक स्वतंत्र देश का नागरिक बनने का सपना कल आधी रात पूरा हो ही गया। इस मौके पर हजारों लोगों ने दक्षिण सूडान की राजधानी के रूप में चुने गए शहर जूबा की सड़कों पर बडी़ संख्या में निकलकर जश्न मनाया। उन्होंने गिरजाघरों में आयोजित विशेष प्रार्थना सभाओं में शिरकत करने के बाद सडकों पर नाच-गाकर अपनी खुशी का इजहार किया। लोगों ने एक-दूसरे को 'जन्मदिन' की मुबारकबाद भी दी।


शुक्रवार आधी रात के वक्त दुनिया के नक्शे पर एक नया देश दक्षिण सूडान उभरा। आजादी का जश्न मनाने के लिए जूबा में जलाई गई मोमबत्तियां।खुशी के इस मौके पर भी लोग दक्षिण सूडान की आजादी की लडा़ई लडने वाले सूडान पीपुल्स लिबरेशन मूवमेंट 'एसपीएलएम' को नहीं भूले और उन्होंने उसके समर्थन में जोरदार नारे लगाए। बहरहाल एसपीएलएम के पास ही इस नवस्वाधीन देश के शासन की कमान है।

एसपीएलएम ने वर्षों तक संसाधनों पर उत्तरी सूडान के वर्चस्व के खिलाफ संघर्ष किया था। लंबे समय तक चले इस संघर्ष के बाद ही वर्ष 2005 में दोनों पक्षों के बीच अंतरराष्ट्रीय निगरानी में एक शांति समझौता हुआ था। उसी समझौते की शर्तों के मुताबिक गत जनवरी में जनमत संग्रह कराया गया था।

इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने दक्षिण सूडान को शुरुआती दिक्कतों से उबरने में मदद करने के लिए वहां पर सात हजार शांतिसैनिकों की तैनाती करने का फैसला किया है। संयुक्त राष्ट्र में जर्मनी के प्रतिनिधि पीटर विटिग ने कहा... यह दक्षिण सूडान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का सबूत है। हम चाहते हैं कि इस गरीब देश को एक व्यवस्था के विकास में मदद करने के लिए सात हजार शांतिसैनिक वहां रहें।
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बुधवार

शीर्ष 10 ब्रांड में से 7 ब्रांड भारत के

at 02:45
मनोज जैसवाल : इमर्जिंग मार्केट -थॉट लीडर्स के टीएलजी इंडेक्स के अनुसार भारतीय बाजार में

भारत की  कंपनियों का ही बोलबाला है.

  रिपोर्ट:- इस सूची में विदेशी कंपनियों में सबसे ऊंचा स्थान गूगल का है जिसने इस इंडेक्स में तीसरा स्थान पाया है जबकि नोकिया का छठा और फेसबुक का आठवां स्थान है। इन कंपनियों ने अपने मॉडल को स्थानीय स्थितियों के अनुकूल ढाल लिया है।

भारत में शीर्ष 10 ब्रांड में से 7 ब्रांड स्वदेशी कंपनियां हैं। इस फेहरिस्त में आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंफोसिस, नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक बनाने वाले टाटा समूह तथा गूगल, नोकिया और फेसबुक जैसे ग्लोबल ब्रांड शामिल हैं।


यह जानकारी एक सर्वे में दी गई है। इमर्जिंग मार्केट -थॉट लीडर्स के टीएलजी इंडेक्स के अनुसार, शीर्ष 20 कंपनियों की फेहरिस्त में भारतीय कंपनियों का बोलबाला है और इनमें भी मैन्युफैक्चरिंग से लेकर सिविल इंजीनियरिंग सेक्टर का वर्चस्व है।


भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी का इस सूची में चौथा स्थान है जबकि इंजीनिरिंग कंपनी लारसन एंड टुब्रो पांचवें स्थान पर है। महिंद्रा ग्रुप 10वें स्थान पर है, हीरो होंडा मोटर्स 11वें और हुंडई मोटर इंडिया 20 स्थान पर विराजमान है।


यह सर्वे टीएलजी द्वारा इंटरनेशनल रिसर्च कंसलटैंसी कंपनी ग्लबोलस्कैन की साझीदारी में किया गया और इसमें सरकारी मंत्रियों से लेकर ब्लू चिप कंपनियों के निदेशक और अखबारों के संपादक भी शामिल थे।


सर्वे के रेस्पांडेंट्स से ऐसे कॉरपोरेट ब्रांडों की पहचान करने को कहा गया जिनमें उपभोक्ताओं, कर्मचारियों या राजनीतिज्ञों के बर्ताव और रुझान को बदल देने की ताकत है, जिसे थॉट लीडर्स या विचार नेताओं की संज्ञा दी गई है।


इस फेहरिस्त में जो अन्य नाम शामिल हैं, उनमें भारतीय स्टेट बैंक (7वां स्थान), भारतीय जीवन बीमा निगम (12 वां स्थान), ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (14वां स्थान), आदित्य बिड़ला ग्रुप (15वां स्थान), ओबेरॉय गु्रप (16वां स्थान), एटडीएफसी बैंक (17 वां स्थान), डा. रेड्डी लैबोरेट्रीज (18वां स्थान) एवं रैनबैक्सी लैबोरेट्रीज (19वां स्थान) शामिल है।


टीएलजी के संस्थापक मैलकॉम गुडरहैम ने कहा कि शीर्ष 20 ब्रांड की सूची से पश्चिमी देशों के बड़े ब्रांडों की गैर-मौजूदगी ऐसे सीईओ के लिए चिंता का सबब बन सकती है जो इनमें घुसने की कोशिश में लगे हैं।

ग्लबोलस्कैन रिसर्च डायरेक्टर ओलिवर मार्टिन ने कहा कि भारत में चूकि कॉरपोरेट लीडरशिप में आम लोगों का विश्वास कम हो रहा है, इसलिए कंपनियों को बिजनेस के अभिवन पहलों और प्रोग्रेसिव सीएसआर में निश्चित रूप से शानदार प्रदर्शन करना चाहिए जिससे कि वे थॉट लीडरशिप पोजीशन को बनाये रख सकें।

शीर्ष 10 ब्रांड में देशी एवं विदेशी कंपनियों के बीच दो जेवी (संयुक्त उद्यम) उपक्रम मारुति-सुजुकी (चौथी) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (नौवीं) शामिल हैं। इस सूची में विदेशी कंपनियों में सबसे ऊंचा स्थान गूगल का है जिसने इस इंडेक्स में तीसरा स्थान पाया है जबकि नोकिया का छठा और फेसबुक का आठवां स्थान है।


रिपोर्ट में कहा गया कि जिन पश्चिमी देशों की कंपनियों ने इस फेहरिस्त में बड़ी जगह (गूगल, नोकिया और फेसबुक) पाई है, उन कंपनियों ने अपने मॉडल को स्थानीय स्थितियों के अनुकूल ढाल लिया या फिर जिन्होंने देश की किसी दिग्गज कंपनी के साथ जेवी (सुजुकी, यूनिलीवर) किया।

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शुक्रवार

4 जून की रात को कोई लाठीचार्ज नहीं किया : पुलिस

at 18:28
मनोज जैसवाल : नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान कांड पर पुलिस ने आज सर्वोच्च न्यायालय के नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि 4 जून की रात को कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया था। दाखिल जवाब में कहा गया कि पुलिस रामदेव को बताने गई थी कि उनका योग शिविर का परमिट रद्द हो गया है और उन्हें वहां से चले जाना चाहिए। जवाब में सर्वोच्च न्यायालय को बताया गया है कि इस भगदड़ में 23 पुलिस वाले और 49 आम लोग घायल हुए।

पुलिस ने जवाब में यह भी कहा कि रामदेव की सुरक्षा और जिंदगी को भी खतरा था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक अचानक रामदेव भीड़ के बीच में कूद गए और अपने समर्थकों को भड़काने लगे। उनके समर्थकों ने पुलिस पर गमले और पत्थर फेंकने शुरु कर दिए। यही नहीं, उन लोगों ने पुलिस पर बेसबॉल बैट भी चलाया। पुलिस का कहना है कि कि लोग भगदड़ की वजह से घायल हुए न कि लाठीचार्ज की वजह से।


बाबा रामदेव के अनशन पर पुलिस कार्रवाई के दृश्य!

सर्वोच्च न्यायालय में पुलिस ने बताया कि 4 जून की रात रामलीला मैदान पर कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभालने के लिए की गई थी। भड़के लोगों को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। हालात बिगड़ते देख कर ही आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे।

गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने रामलीला मैदान पर आधी रात को पुलिस द्वारा बर्बर कार्रवाई पर स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर, दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव और केंद्र के गृह सचिव को नोटिस जारी कर कारण जानना चाहा था कि आखिर क्या वजह थी कि आधी रात के वक्त शांत लोगों पर लाठियां बरसानी पड़ीं?

रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे बाबा रामदेव के खिलाफ 4 जून की मध्यरात्रि को हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्रीय गृह सचिव जी. के. पिल्लै तथा दिल्ली पुलिस के प्रमुख बी. के. गुप्ता को नोटिस जारी किया था।

भ्रष्टाचार के खिलाफ मेरी लड़ाई जारी रहेगी: बाबा रामदेव

अदालत ने पूछा था कि आखिर किन परिस्थितियों में बाबा रामदेव तथा उनके समर्थकों को जबरन दिल्ली से बाहर ले जाया गया।

दिल्ली के मुख्य सचिव पी. के. त्रिपाठी को भी नोटिस जारी किया गया है। दो सप्ताह के भीतर नोटिस का जवाब देना था।

कानून के जानकारों की मानें तो सर्वोच्च न्यायालय में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को समझाना होगा कि ऐसी कौन-सी मजबूरी थी कि शांतिपूर्ण सत्याग्रह कर रहे लोगों पर लाठियां बरसानी पड़ीं।

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बी. एस. चौहान तथा न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की खंडपीठ ने मीडिया की खबरों के आधार पर बाबा रामदेव के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई पर स्वत: संज्ञान लेते हुए ये नोटिस जारी किए थे। मामले की आगली सुनवाई जुलाई के दूसरे सप्ताह में होनेवाली है।


बाबा रामदेव पर हुई कार्रवाई की चारों ओर निंदा

ध्यान रहे कि राजधानी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे योग गुरु बाबा रामदेव को 4 जून के रात में जब हिरासत में लेने की कोशिश की गई, तो बाबा सहित वहां मौजूद उनके सभी समर्थकों में हड़कम्प मच गया था। मध्यरात्रि के बाद करीब एक बजे पुलिस अधिकारी पूरे लाव लश्कर के साथ रामलीला मैदान पहुंचे तथा उन्होंने मंच को अपने घेरे में ले लिया था। पुलिस अधिकारियों ने बाबा को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया, जिसका बाबा के अनुयाइयों ने प्रबल विरोध किया था।

बाबा रामदेव, अन्ना हजारे के पीछे साम्प्रदायिक ताकतें: प्रणव

रात करीब एक बजे एकाएक रामलीला मैदान पर धमक पड़ी। उस समय लोग अपने कैंपों में सोए हुए थे। पुलिस कार्रवाई के दौरान बच्चे, महिलाएं और वृद्ध लोग घायल हुए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई की भाजपा और संघ ने कड़ी आलोचना की है और इसे पुलिस की बर्बरता करार दिया। देश की राजनीतिक घटनाओं का स्नायुकेन्द्र राजधानी दिल्ली में किसी बड़े राजनीतिक आंदोलन पर बल प्रयोग की यह विरली ही घटना रही।

बाबा रामदेव पर कार्रवाई भारी पड़ रही है सरकार को

चश्मदीदों के मुताबिक जैसे ही पुलिस पंडाल में पहुंची, भारी संख्या में महिलाएं बाबा के सामने सुरक्षा ढाल बनकर खड़ी हो गईं। वहीं पुलिस का कहना है कि उसने योग शिविर की इजाजत रद्द कर दी। देर रात ढाई बजे के आसपास बाबा रामदेव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। बाबा को हिरासत में लेने से पहले पुलिस ने बाबा रामदेव के सर्मथकों को तितर बितर करने के लए आंसू गैस के गोले छोड़े। आंसू गैस के बाद पंडाल में जबरदस्त अफरातफरी मच गई।

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